Ajmer 4 Murder Case Update: अजमेर चौहरा हत्याकांड में पुलिस जांच में मां, बेटी और नाबालिग बेटे की भूमिका सामने आई है। पुलिस को साक्ष्य मिटाने की कोशिशों के बीच कई सुराग भी बरामद हुए हैं। फिलहाल एक आरोपी पुलिस रिमांड पर है और मामले की जांच जारी है।
Congress Leader Ram Singh Murder Case: अजमेर के बोराड़ा थाना क्षेत्र के चर्चित चौहरा हत्याकांड में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, हत्या की साजिश, उसकी भयावह तैयारी की नई-नई परतें खुलती जा रही हैं। आरोपी मां, बेटी और नाबालिग बेटे ने वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्य मिटाने के भरसक प्रयास किए लेकिन घटनास्थल पर खून के निशान, अधजले ग्लव्स, टूटा चाकू, डीजल की गंध जैसे अहम सुरागों ने पुलिस को पूरी वारदात का खुलासा करने में मदद की।
बोराड़ा थाने के श्रीरामपुरा में पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला और उनकी टीम की तत्परता ने हत्या के आरोपियों को साक्ष्य पूरी तरह से मिटाने का मौका नहीं दिया। जलती हुई एसयूवी कार में शवों को देखने के बाद एफएसएल, एमओबी की टीम रामसिंह चौधरी के घर पहुंची। यहां प्रारंभिक पड़ताल में इतना कुछ मिल गया जो कि चौहरा हत्याकांड की कहानी बयान कर रहा था।
पुलिस को जांच के दौरान घटनास्थल के निकट एक पेड़ के तने पर खून से सना हाथ के पंजे का निशान मिला। शुरुआती पड़ताल में सामने आया कि आरोपी ने खून से सने हाथ के साथ अनजाने में तने का सहारा लिया था। हालांकि पंजे के निशान में हथेली की रेखाएं नहीं मिलने से पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि वारदात के दौरान ग्लव्स पहने गए थे। आरोपियों ने ग्लव्स को चूल्हे में जलाकर नष्ट करने का प्रयास भी किया, लेकिन जल्दबाजी में वे पूरी तरह नहीं जल पाए।
पुलिस को एसयूवी कार में मृतकों के अधजले कपड़े मिले, जिनसे डीजल की तीव्र गंध आ रही थी। इससे पुलिस टीम का संदेह और मजबूत हुआ कि वारदात के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से शवों को आग के हवाले किया है। एसयूवी को दुर्घटनाग्रस्त बताया लेकिन कोई हिस्सा क्षतिग्रस्त नहीं था। जो कुछ भी नुकसान हुआ वो आग से हुआ था।
हालांकि पुलिस ने मां, बेटी और नाबालिग बेटे की भूमिका को लेकर कार्रवाई की है लेकिन क्षेत्र के लोगों के बीच अब भी यह चर्चा है कि इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने और बाद में शवों को ठिकाने लगाने में हो सकता है कि किसी चौथे या पांचवें व्यक्ति की भी मदद ली गई है। पुलिस फिलहाल इस पहलू को भी नजरअंदाज नहीं कर रही है।
एसयूवी के पास पुलिस को शराब का एक पव्वा भी मिला है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों ने वारदात से पहले शराब का सेवन किया हो। घर से बरामद मिठाई, शराब की बोतलें, रात में खाए खाने को एफएसएल की जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं मिठाई और खाने में कोई नशीला पदार्थ मिलाकर तो नहीं खिलाया था। तभी इतनी आसानी से चार जनों को मौत की नींद सुला दिया गया।
मकान की तलाशी में पुलिस और एफएसएल टीम को चूल्हे के पास एक टूटा हुआ तथा मुड़ा हुआ चाकू मिला। जांच में आशंका जताई जा रही है कि वारदात के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से चाकू को जानबूझकर तोड़ने का प्रयास किया गया। इस दौरान आरोपी सुनीता देवी जख्मी हो गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मकान के भीतर और बाहर बड़ी मात्रा में खून फैला हुआ था। आरोपियों ने खून से सने बिस्तर, फर्श और अन्य सामान को धोकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की, लेकिन खून इतना गिरा था कि कच्ची जमीन भी खून को नहीं सोख पाई। यही निशान जांच की सबसे मजबूत कड़ी बने। तीनों मां, बेटी और बेटे से अलग-अलग पूछताछ के बाद वारदात की कडी से कड़ी जुड़ती चली गई और हत्या की साजिश का खुलासा हो गया।
बोराड़ा थानाप्रभारी सूर्यभानसिंह ने रविवार को सरिता और उसकी मां सुनीता देवी को अवकाश कालीन न्यायालय में पेश किया। अदालत ने सरिता को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया जबकि सुनीता को 2 दिन के पुलिस रिमांड पर दिया है। वारदात में इस्तेमाल अन्य हथियार और सबूतों की बरामदगी बाकी है। प्रकरण में पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने पर विशेष जोर दे रही है।
बोराड़ा के चौहरा हत्याकांड में पुलिस टीम की तत्परता, ग्रामीणों की मदद से वारदात में अहम सुराग जुटाने में मदद मिली। हत्याकांड की जघन्यता को देखते हुए पुलिस टीम ने कम समय में बेहतरीन काम किया।
हर्षवर्धन अग्रवाला, पुलिस अधीक्षक अजमेर