Congress Leader Ram Singh Murder Case: अजमेर के चौहरा हत्याकांड में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी की पहली पत्नी सुनीता का पुलिस रिमांड दो दिन बढ़ा दिया है एयर बेटी सरिता को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। साक्ष्यों की तलाश में पुलिस जांच में जुटी है।
Ajmer 4 Murder Include Former Sarpanch Ram Singh Choudhary: अजमेर के अरांई के श्रीरामपुरा का चौहरा हत्याकांड में गिरफ्तार पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी की पहली पत्नी सुनीता और बेटी सरिता को अवकाशकालीन मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने अग्रिम अनुसंधान के लिए सुनीता का पुलिस रिमांड दो दिन बढ़ा दिया, जबकि बेटी सरिता को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। वहीं मामले में निरुद्ध विधि विरुद्ध संघर्षरत किशोर को पूर्व में ही बाल सुधार गृह भेजा जा चुका है। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रकरण के विभिन्न पहलुओं की गहन जांच की जा रही है तथा घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस टीम लगातार श्रीरामपुरा गांव में पड़ताल कर रही है।
जांच के दौरान पूर्व सरपंच रामसिंह के घर के समीप स्थित कुएं का पानी पुलिस निगरानी में निकलवाया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार वारदात में प्रयुक्त हथियार की तलाश के मद्देनजर यह कार्रवाई की जा रही है। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी संभावित पहलुओं पर काम किया जा रहा है।
गौरतलब है कि गत 28 मई को श्रीरामपुरा गांव में पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी मां पूसी देवी, दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी तथा मौसेरी बहन महिमा की निर्मम हत्या कर दी गई। वारदात को हादसे का रूप देने के लिए उन्हें कार में जला दिया गया। पुलिस ने उसी दिन मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
हत्याकांड ने क्षेत्र के लोगों को झकझोर दिया है। कासीर प्रशासक भागचंद चौधरी ने कहा कि इस घटना को केवल अपराध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। समाज को यह भी समझना होगा कि परिवारों और बच्चों के बीच किस प्रकार की परिस्थितियां बन रही हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को परिवार, संस्कार और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
जिला देहात कांग्रेस के ओबीसी प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष एवं रामसिंह चौधरी के मित्र जसराज चौधरी ने कहा कि यह घटना समाज के सामने गंभीर चिंतन का विषय है। उनके अनुसार समय से पहले बच्चों को मोबाइल फोन और अन्य आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराना तथा परिवारों में संवाद की कमी सामाजिक दूरी बढ़ाने का कारण बन रही है। उन्होंने कहा कि बच्चे धीरे-धीरे पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों से दूर होते जा रहे हैं।
वारदात के बाद गांव धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है, लेकिन चौहरा हत्याकांड की टीस अब भी लोगों के मन में बनी हुई है। चौपालों पर ग्रामीण केवल वारदात की चर्चा ही नहीं कर रहे, बल्कि बच्चों के व्यवहार, मोबाइल की बढ़ती लत, पारिवारिक संवाद में कमी और बदलते सामाजिक परिवेश पर भी विचार-विमर्श कर रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि परिवारों में संवाद, संस्कार और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है।