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अलवर में शिक्षा विभाग का उमरैण ब्लॉक कार्यालय सवालों के घेरे में है। इस कार्यालय में कार्यरत आठ अधिकारियों व कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (डीए) का तय मापदंड से अधिक भुगतान कर दिया गया। यह गलती जनवरी-फरवरी 2025 में हुई, लेकिन विभाग को इसकी याद एक साल बाद आई। अब शिक्षा विभाग के अधिकारी अपनी भूल सुधारने के नाम पर कर्मचारियों से वसूली की तैयारी कर रहे हैं।
जनवरी-2025 में राज्य सरकार की ओर से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की गई थी। पोर्टल पर तकनीकी खामी के चलते डीए की गलत गणना हो गई। इसके चलते 8 कार्मिकों को कुल 42,138 रुपए की अतिरिक्त राशि का भुगतान कर दिया गया। विभागीय जांच में मामला सामने आने के बाद अब इस राशि को संबंधित कर्मचारियों के आगामी वेतन से वसूलने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उमरैण ब्लॉक शिक्षा विभाग में कार्यरत सुनील कुमार, राजेश कुमार, अंकुर बंसल, मनोज कुमार राणा, नटवर लाल शर्मा, रविन्द्र यादव, संजय जैन और सीमा शर्मा को बढ़ा हुआ डीए लौटाना होगा। सभी कार्मिकों पर राशि अलग-अलग तय की गई है, जिसकी कटौती आगामी वेतन से की जाएगी।
बड़ा सवाल यह है कि भुगतान के बाद एक साल तक न तो आहरण-वितरण अधिकारी (डीडीओ) ने ध्यान दिया और न ही उच्च स्तर पर कोई ऑडिट या सत्यापन किया गया। समय पर जांच होती, तो कर्मचारियों को इस तरह अचानक आर्थिक बोझ नहीं झेलना पड़ता।
पोर्टल से तकनीकी कारणों की वजह से महंगाई भत्ता का ज्यादा भुगतान हो गया। जिन कार्मिकों का ज्यादा भुगतान हुआ हैं, उनसे राशि वसूली की जाएगी - सीमा शर्मा, सीबीईओ, उमरैण
Updated on:
03 Feb 2026 12:08 pm
Published on:
03 Feb 2026 12:07 pm

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