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अलवर, May 19, 2026

 स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को करना पड़ रहा इंतजार

अलवर. प्रदेशभर में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए राज्य सरकार ने 17 मई से स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। इससे स्कूली बच्चों और अभिभावकों को राहत मिली है, लेकिन दूसरी ओर आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले मासूम बच्चों के लिए अब तक कोई राहत नहीं दी गई है।

अलवर. प्रदेशभर में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए राज्य सरकार ने 17 मई से स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। इससे स्कूली बच्चों और अभिभावकों को राहत मिली है, लेकिन दूसरी ओर आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले मासूम बच्चों के लिए अब तक कोई राहत नहीं दी गई है।

अलवर. प्रदेशभर में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए राज्य सरकार ने 17 मई से स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। इससे स्कूली बच्चों और अभिभावकों को राहत मिली है, लेकिन दूसरी ओर आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले मासूम बच्चों के लिए अब तक कोई राहत नहीं दी गई है।

आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह वर्ष तक के बच्चे नियमित रूप से पहुंच रहे हैं। इन बच्चों की उपस्थिति भी दर्ज की जाती है, जिसके चलते तेज गर्मी और लू के बावजूद उन्हें केंद्रों तक आना पड़ रहा है। कई अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों को इस भीषण गर्मी में घर से बाहर निकालना उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

प्रदेश के अधिकांश जिले इस समय भीषण गर्मी की चपेट में हैं। अलवर सहित कई जिलों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। दोपहर के समय गर्म हवाएं और लू का असर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे हालात में छोटे बच्चों का केंद्रों तक पहुंचना और घंटों वहां रुकना बेहद मुश्किल हो रहा है।

स्थिति यह भी है कि जिले के अनेक आंगनबाड़ी केंद्रों पर बिजली, पंखे और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं तक पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। बावजूद इसके केंद्रों के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया और ना ही बच्चों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है।

भीषण गर्मी के बीच अब अभिभावकों ने मांग कि हैं कि छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में बदलाव किया जाए या फिर ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया जाए, ताकि नौनिहालों को राहत मिल सके।

चिकित्सकों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

फिजिशियन डा. अरूण वशिष्ठ का कहना है कि अत्यधिक तापमान और लू के कारण छोटे बच्चों में डिहाइड्रेशन, बुखार और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकालें तथा उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ देते रहें।

बहरोड़-कोटपूतली में बदला समय

लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए बहरोड़-कोटपूतली जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग ने पहले ही आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में बदलाव कर दिया है। वहां केंद्र अब सुबह 8 बजे से 10:30 बजे तक संचालित किए जा रहे हैं। हालांकि कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की ड्यूटी पूर्ववत दोपहर 12 बजे तक जारी रहेगी तथा अन्य विभागीय गतिविधियां नियमित रूप से संचालित होती रहेंगी।“मुख्यालय से अब तक कोई आदेश नहीं”

महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेश महेश गुप्ता ने बताया कि अलवर जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों का समय फिलहाल सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित है। बच्चों के अवकाश अथवा समय परिवर्तन को लेकर मुख्यालय से अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं।

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