
नीमराणा क्षेत्र से गुजर रहा हाईवे (फोटो-पत्रिका)
अलवर। नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे के किनारे निर्माण को लेकर राजस्थान सरकार की ओर से जारी नई गाइडलाइन के बाद नीमराणा क्षेत्र में भी हलचल बढ़ गई है। नए नियमों के अनुसार हाईवे की सेंटर लाइन से दोनों ओर 75-75 मीटर की दूरी तक निर्माण गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण रहेगा। ऐसे में दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-48 से जुड़े कस्बों और गांवों में इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
इस राजमार्ग के किनारे बहरोड़, दहमी, हमजापुर, दुघेड़ा, मोहलड़िया, नीमराणा, जनकसिंहपुर और शाहजहांपुर जैसे कई कस्बे और गांव बसे हुए हैं। इन क्षेत्रों में वर्षों से हाईवे के किनारे बाजार, दुकानें, मकान, होटल-रेस्टोरेंट, ढाबे और आवासीय कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका इन प्रतिष्ठानों पर निर्भर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि 75 मीटर दूरी का नियम सख्ती से लागू किया गया तो हाईवे से सटी कई जमीनों और भविष्य के निर्माण पर असर पड़ सकता है।
छोटे दुकानदारों, होटल-ढाबा संचालकों और व्यापारियों में इसे लेकर चिंता भी देखी जा रही है, क्योंकि उनका व्यवसाय मुख्य रूप से हाईवे यातायात पर आधारित है। रियल एस्टेट कारोबारियों के अनुसार नई गाइडलाइन के चलते अब निवेशक भी जमीन खरीदने से पहले मास्टर प्लान, ग्रीन बफर जोन और राजस्व रिकॉर्ड की जांच करने लगे हैं। इससे हाईवे किनारे नई कॉलोनियों और प्लॉटिंग पर भी असर पड़ सकता है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस तरह के नियम सड़क सुरक्षा, भविष्य में सड़क चौड़ीकरण और सुव्यवस्थित विकास को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं। नीमराणा-बहरोड़ औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां हाईवे किनारे होटल, ढाबे, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप, गोदाम और दुकानों की लंबी कतारें हैं। ऐसे में यदि इनपर पीला पंजा चलता है तो दुकानदारों को बड़ा नुकसान हो सकता है।
परिवारों ने जीवनभर की कमाई लगाकर घर बनाए हैं। लोगों के सामने बेघर होने की स्थिति पैदा हो सकती है। सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पहले मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए। -राजवीर यादव, पूर्व सरपंच मोहलड़िया
हाईवे सुरक्षा के नियम जरूरी हैं, लेकिन वर्षों से बसे बाजार और आबादी को एक साथ अवैध मानकर कार्रवाई करना उचित नहीं होगा। सरकार को जनहित को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध समाधान की नीति बनानी चाहिए। -रविंद्र यादव, समाजसेवी
हाईवे किनारे की दुकानों और प्रतिष्ठानों से हजारों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। कार्रवाई होने से व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा। सरकार को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना चाहिए। -मनीष मुक्कड़, व्यवसायी
इस नियम से व्यापारियों दुकानदारों व आमजन के लिए बड़ी परेशानी खड़ी होगी। इस मसले को मैंने विधानसभा में उठाया। हाईवे के मध्य से 75 मीटर के भीतर बने मकान, दुकान, अस्पताल आदि को हटाने के आदेश पर गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि यह मामला लाखों परिवारों की आजीविका और उनके जीवनभर की कमाई से जुड़ा हुआ है। सरकार से मांग की कि इस विषय पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए संज्ञान लिया जाए। -ललित यादव, मुंडावर विधायक
Published on:
06 Mar 2026 07:41 pm
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