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अलवर, May 22, 2026

खनन माफिया बेखौफ… अवैध ब्लास्टिंग से कई घरों में आईं दरारें

जिले में अवैध खनन का खेल जोरों पर है। अवैध ब्लास्टिंग हो रही है और पहाड़ों को छलनी किया जा रहा है। यह सब खनन विभाग की सरपरस्ती में चल रहा है। टहला क्षेत्र के थाना गांव के लोग अवैध ब्लास्टिंग के कारण रातभर सो नहीं पा रहे हैं। ग्रामीणों ने ब्लास्टिंग के वीडियो अधिकारियों को दिखाए, लेकिन एक्शन नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत खान महानिदेशक अजमेर को भी की है। गांव से खान की दूरी 250 से 300 मीटर की दूरी पर है।

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जिले के टहला क्षेत्र के थाना गांव के लोग अवैध ब्लास्टिंग के कारण रातभर सो नहीं पा रहे हैं। ग्रामीणों ने ब्लास्टिंग के वीडियो अधिकारियों को दिखाए, लेकिन एक्शन नहीं हो पाया। आरोप है कि खान संचालक ने ब्लास्टिंग वाली मशीनें रातों-रात बाहर निकाल दीं, जिसका ग्रामीणों ने वीडियो बना लिया, जो वायरल हो रहा है।
ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत खान महानिदेशक अजमेर को भी की है। गांव के सूरज कुमार, राजू, विनोद आदि का कहना है कि माइंस में अवैध ब्लास्टिंग काफी समय से की जा रही है, जिससे उनके मकानों में दरारें आ गई हैं। मनफूली देवी का कहना है कि गांव से खान की दूरी 250 से 300 मीटर की दूरी पर है। इस संबंध में खनि अभियंता मनोज शर्मा का कहना है कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद जांच के लिए एएसआइ मौके पर भेजे गए थे। ऐसा कुछ नहीं सामने आया है। खान संचालक ने भी आरोप लगाकर इन लोगों को अवैध वसूली करने वाला बताया है। ऐसे में सभी पक्षों को देखते हुए आगे बढ़ रहे हैं। खान विभाग के किसी व्यक्ति की खान में कोई पार्टनरशिप नहीं है। यह जांच का विषय है, लेकिन प्रशासन को इसमें हस्तक्षेप कर अवैध खनन को रोकने की कार्रवाई करनी चाहिए।
हर तरफ अवैध खनन, अधिकारी मौन
जिले में अवैध खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं। अधिकारियों की सरपरस्ती में लगातार अवैध खनन हो रहा है। विभाग को इसकी जानकारी है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। हर बार दबाव आता है तो कुछ दिनों का दिखावटी अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है और फिर अवैध खनन शुरू हो जाता है। इस पर जब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी तब तक अवैध खनन जारी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश हवा
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर रखा है कि अरावली में खनन नहीं होगा, लेकिन इस आदेश को अधिकारी और खनन माफिया हवा में उड़ा रहे हैं। अभी तक अरावली की परिभाषा तय नहीं हो पाई है, इस वजह से अवैध खनन पर रोक है। मगर बेखौफ खनन माफिया पहाड़ों को छलनी कर रहा है। इस तरह ही चलता रहा तो आने वाले दिनों में पारिस्थितकीय तंत्र बिगड़ जाएगा।

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