
मृतक शिक्षक बड्डन लाल। पत्रिका फाइल फोटो
अलवर। अकबरपुर थाना क्षेत्र के निर्भयपुरा गांव के सरकारी शिक्षक बड्डन लाल (59) के आत्महत्या के मामले में सात सरकारी शिक्षकों के खिलाफ मृतक के पुत्र ने अकबरपुर थाना में मामला दर्ज कराया है। एफआइआर में इन शिक्षकों पर मृतक को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। उधर, शिक्षा विभाग ने भी मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है।
मृतक के पुत्र चंद्रप्रकाश ने एफआइआर में लिखा है कि उसके पिता बड्डनलाल को काफी समय से राउमावि ढहलावास के स्टाफ की ओर से मानसिक रूप से अत्यधिक प्रताड़ित किया जा रहा था। इसमें ढहलावास विद्यालय की पूर्व प्रधानाचार्य सुनीता बाई, गायत्री देवी व वर्तमान प्रधानाचार्य एके मिश्रा ने स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद उन्हें अतिरिक्त कार्यभार देकर अवकाश भी अस्वीकृत किए जा रहे थे।
विद्यालय स्टाफ अनिल कुमार वर्मा, रोशनलाल यादव, प्रितेन्द्र सिंह, सीमा गुप्ता भी विद्यालय कार्य के संबंध में उसके पिता को अत्यधिक मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा था। इनमें से रोशनलाल व प्रितेन्द्र सिंह ने शराब पीकर मेरे पिता को जातिसूचक शब्द बोलकर गाली-गलौज करते थे। इन सारी प्रताड़नाओं से तंग आकर उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
चंद्रप्रकाश ने प्रिंसिपल सुनीता बाई, प्रिंसिपल गायत्री देवी, प्रिंसिपल एके मिश्रा, टीचर अनिल कुमार वर्मा, रोशन लाल यादव, प्रितेंद्र सिंह, सीमा गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज करवाया है।
मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम से मना कर दिया और सोमवार सुबह जिला अस्पताल में दो घंटे तक धरना दिया। उन्होंने आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की। जिसके बाद डीएसपी ग्रामीण शिवानी शर्मा मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश कर आश्वासन देकर धरना खत्म कराया।
शिक्षा विभाग ने मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए टीम का गठन किया गया है। इसमें उमरैण सीबीईओ सीमा शर्मा, एसीबीईओ उमरैण सुनील कुमार, बख्तरपुरा प्रधानाचार्य भारत भूषण को शामिल किया गया है, जो रिपोर्ट तैयार करके मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को देंगे।
गौरतलब है कि सीनियर टीचर बड्डन लाल बलाई पिछले 25 सालों से राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल ढेहलावास में कार्यरत थे। जो 38 साल की सरकारी सेवा पूरी कर चुके थे। इसी साल 30 जून को रिटारयरमेंट था, लेकिन उसने 5 महीने पहले ही सुसाइड कर लिया। उन्होंने 4 पेज में 2000 शब्दों का सुसाइड नोट भी लिखा था।
Published on:
10 Feb 2026 09:43 am
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