
अलवर. पूर्व विधायक बलजीत यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की एक टीम ने मंगलवार रात को दिल्ली-जयपुर हाईवे पर शाहजहांपुर टोल प्लाजा के पास से बलजीत यादव को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि बलजीत को जयपुर ले जाया गया है, जहां पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार रात करीब 8 बजे ईडी की टीम 4-5 गाड़ियों में आई। साथ में सीआरपीएफ के जवान थे। दिल्ली की ओर से आ रही बलजीत यादव की कार को टोल प्लाजा पर रोका गया। उन्हें टोल प्लाजा के एक ऑफिस में ले जाया गया और कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद टीम बलजीत को अपनी गाड़ी में बैठाकर जयपुर रवाना हो गई। हालांकि ईडी की ओर से देर रात तक इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी मीडिया को नहीं दी और न ही कोई प्रेसनोट जारी किया गया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई सरकारी स्कूलों में विधायक निधि (एमएलए फंड) से खेल सामग्री वितरण में कथित बड़े घोटाले से जुड़ी है। आरोप है कि बलजीत यादव के विधायक काल (वर्ष 2018-2023) में बहरोड़ क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में खेल उपकरण (क्रिकेट किट, स्पोर्ट्स सामग्री आदि) की आपूर्ति में अनियमितताएं बरती गईं। विभिन्न फर्मों ने बाजार मूल्य से ढाई गुना तक अधिक कीमत पर सामान सप्लाई किया। कुल घोटाले की राशि 3.72 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। सामग्री की गुणवत्ता भी घटिया बताई गई, जबकि भुगतान विधायक कोष से किया गया।
पहले एसीबी ने दर्ज किया था केस
इस घोटाले के संबंध में पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बलजीत यादव, उनके सहयोगियों और संबंधित फर्मों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद ईडी ने धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के आरोप में एक्शन लिया था। ईडी की कई टीमों ने 23-24 जनवरी-2025 को बलजीत यादव और उनके सहयोगियों के 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इनमें जयपुर में 8 स्थानों व अलवर और दौसा में एक-एक स्थान पर छापेमारी की गई थी। हरियाणा के रेवाड़ी में भी बलजीत के रिश्तेदारों के ठिकानों पर भी सर्च कार्रवाई की गई थी। छापेमारी में 31 लाख रुपए नकद, आभूषण, करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज और अन्य संदिग्ध कागजात जब्त किए गए थे। जांच में सामने आया था कि 32 सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री की आपूर्ति की सिफारिश पूर्व विधायक ने की थी, जिसमें टेंडर में नियमों का उल्लंघन हुआ। ईडी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत हो रही है।
स्थानीय पुलिस अनजान
शाहजहांपुर थाना प्रभारी प्रकीता चौधरी ने इस संबंध में पूछे जाने पर बताया कि उन्हें इस कार्रवाई की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।
पूर्व में आरोपों को बेबुनियाद बताया था बलजीत ने
बलजीत यादव ने पूर्व में घोटाले के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उनका किसी गलत काम से कोई लेना-देना नहीं है। यह मामला काफी समय तक चर्चा में रहा। अब ईडी की ताजा कार्रवाई से यह फिर चर्चा में आ गया है।
Published on:
04 Feb 2026 11:26 am
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