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अलवर कोतवाली थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने आरोपी एक युवक को गिरफ्तार कर उसके बैंक खाते में आए करीब 50 लाख रुपए की राशि को फ्रीज कर दिया है। खास बात यह है कि आरोपी महज तीसरी कक्षा पास है, इसके बावजूद वह साइबर ठगी के गिरोह में एक एक्सपर्ट की तरह भूमिका निभा रहा था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी म्यूल अकाउंट के जरिए देश के विभिन्न राज्यों में लोगों से ठगी कर चुका है। थाना प्रभारी रमेश सैनी ने बताया कि साइबर सेल से तकनीकी सूचना मिली थी कि रोड नंबर-दो स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में एक युवक के खाते में संदिग्ध तरीके से भारी रकम जमा हुई है। सूचना के आधार पर बैंक से खाते की विस्तृत जानकारी लेकर जांच के बाद कार्रवाई की गई।
जांच के बाद पुलिस ने 24 वर्षीय असपाक निवासी इसनाका थाना नगर जिला डीग को गिरफ्तार किया। आरोपी से फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है, जिसमें साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी एक सक्रिय साइबर ठगी गिरोह के साथ मिलकर काम कर रहा था। उसके खिलाफ पहले से ही ब्रजनगर थाने में ठगी का मामला दर्ज है। आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर एंटीक कॉइन बेचने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर उनसे मोटी रकम ऐंठता था। पुलिस के अनुसार आरोपी के खाते में आई रकम में महाराष्ट्र के एक व्यक्ति से करीब 16 लाख रुपए और पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति से करीब 10 लाख रुपए की ठगी शामिल है। पुलिस ने दोनों पीड़ितों से संपर्क कर लिया है। इसके अलावा अन्य लोगों से भी 5 लाख रुपए या उससे कम की अलग-अलग रकम खाते में ट्रांसफर हुई है।
Published on:
29 Jan 2026 11:55 am

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