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प्रयागराज, May 15, 2026

गंगा में नाव पर इफ्तार मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट से 8 आरोपियों को सशर्त जमानत, वीडियो वायरल होने के बाद हुई थी गिरफ्तारी

Ganga Iftar Case:वाराणसी में गंगा की बीच धारा में नाव पर इफ्तार करने और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में गिरफ्तार आठ लोगों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया था।

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नाव पर इफ्तार करते आरोपी

Allahabad High Court ने वाराणसी में गंगा नदी की बीच धारा में नाव पर इफ्तार करने के मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों को सशर्त जमानत दे दी है। आरोप है कि इफ्तार के दौरान मांस खाने के बाद उसकी हड्डियां और अन्य कचरा गंगा में फेंका गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। यह मामला मार्च महीने में सामने आया था और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

अलग-अलग पीठों ने सुनाया फैसला

मामले की सुनवाई अलग-अलग याचिकाओं पर हुई। न्यायमूर्ति Rajeev Lochan Shukla की एकलपीठ ने पांच आरोपियों की जमानत मंजूर की, जबकि न्यायमूर्ति Jitendra Kumar Sinha की एकलपीठ ने तीन अन्य आरोपियों को राहत दी। कोर्ट में दाखिल हलफनामे में आरोपियों ने घटना को लेकर माफी मांगी। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत देने का आदेश जारी किया।

वायरल वीडियो के बाद बढ़ा था विवाद

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ युवक गंगा नदी के बीच चलती नाव पर बैठकर इफ्तार करते दिखाई दिए थे। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रोजा खोलने के बाद वहां मांस खाया गया और बचा हुआ कचरा गंगा में फेंक दिया गया। इस घटना को लेकर हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताया था। प्राथमिकी Bharatiya Janata Yuva Morcha वाराणसी इकाई के अध्यक्ष रजत जायसवाल की शिकायत पर कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई थी।

सत्र अदालत ने पहले खारिज की थी जमानत

इससे पहले वाराणसी की सत्र अदालत ने आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। अदालत ने टिप्पणी की थी कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि घटना के पीछे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की मंशा थी।आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता के तहत पूजा स्थल को अपवित्र करने, धार्मिक भावनाएं भड़काने और शांति व्यवस्था प्रभावित करने जैसी धाराएं लगाई गई हैं।

इन आरोपियों को मिली राहत

हाईकोर्ट से जमानत पाने वालों में मोहम्मद आजाद अली, मोहम्मद तहसीम, निहाल अफरीदी, मोहम्मद तौसीफ, मोहम्मद अनस, मोहम्मद समीर, मोहम्मद अहमद रजा और मोहम्मद फैजान शामिल हैं।फिलहाल इस मामले में छह अन्य आरोपियों को अभी जमानत नहीं मिली है।वही घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया था।

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