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अजमेर, Jun 02, 2026

पश्चिम बंगाल की महिला से अजमेर में गैंगरेप, थानाधिकारी के रीडर और साथी पर आरोप, मामला दर्ज

Ajmer Gang Rape: रेप मामले की जांच कर रहे एक सिपाही और उसके साथी पर पीड़िता ने सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया है। जीरो नम्बर एफआईआर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ajmer gang rape

प्रतीकात्मक तस्वीर

अजमेर। जिला पुलिस के लिए एक शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। रेप के एक मामले की जांच कर रहे गंज थानाधिकारी के रीडर (सिपाही) और उसके एक साथी पर पीड़िता ने सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर पश्चिम बंगाल से आई जीरो नम्बर एफआईआर के आधार पर दरगाह थाना पुलिस ने सामूहिक बलात्कार, धमकी और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच सीओ दरगाह लक्ष्मणराम चौधरी कर रहे हैं।

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पुलिस के अनुसार पीड़िता ने पश्चिम बंगाल में दर्ज करवाई जीरो नम्बर एफआईआर में बताया कि मई 2025 में अजमेर के गंज थाने में दर्ज कराए गए रेप के मुकदमे के अनुसंधान के सिलसिले में उसे जून 2025 में अजमेर बुलाया गया था। आरोप है कि घटनास्थल की तस्दीक और बयान दर्ज करने के दौरान थानाधिकारी के रीडर तथा उसके साथी ने उसके साथ 11 बार बलात्कार किया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उसे दरगाह क्षेत्र के एक होटल के अलावा कार में भी रेप किया।

मुकदमा वापस लेने का दबाव, दी धमकी

एफआईआर के अनुसार सिपाही और उसके साथी ने पीड़िता पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया। समझौते के बदले उसे पैसे देने की भी कोशिश की गई। आरोप है कि मुकदमा वापस नहीं लेने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई, जिससे वह मानसिक रूप से प्रताड़ित हुई और भयभीत हो गई।

क्या है मामला

पीड़िता ने मई 2025 में डीडवाना निवासी एक युवक पर सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर शादी का झांसा देने तथा गंज थाना क्षेत्र के एक होटल में बलात्कार करने का आरोप लगाया था। मामले में थानाप्रभारी ने अनुसंधान के बाद प्रकरण को झूठा मानते हुए एफआर लगा दी थी। अब पीड़िता ने थानाधिकारी के रीडर (सिपाही) और मूल आरोपी के बड़े भाई के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज कराया है।

इनका कहना है

जीरो नम्बर एफआईआर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।

  • लक्ष्मणराम चौधरी, सीओ दरगाह एवं अनुसंधान अधिकारी

उल्लेखनीय है कि इससे पहले अजमेर में महिला कांस्टेबल से दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और लाखों रुपए की ठगी के चर्चित मामले में फरार चल रहे एक बर्खास्त सिपाही पर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। गिरफ्तारी से बचते फिर रहे आरोपी सिपाही को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। पुलिस जांच में सामने आया था कि आरोपी मूल रूप से डीडवाना-कुचामन जिले के बड़ थाना क्षेत्र के बाजोली गांव का निवासी है। वह वर्तमान में अजमेर के हरिभाऊ उपाध्याय नगर में रह रहा था। मामले की जांच सीओ नॉर्थ शिवम जोशी कर रहे हैं।

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