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Gujarat: द्विवार्षिक प्रवेश को लेकर विद्यार्थियों में नीरसता, डीई में सिर्फ 39, बीई में 36 छात्रों ने की दावेदारी

-डीई की 1134 सरकारी सीटों 17 जनवरी को दिए जाएंगे ऑफलाइन प्रवेश, बीई की सरकारी 326 सीटों पर 36 छात्रों 19 को दाखिले के लिए बुलावा

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Ahmedabad. नई शिक्षा नीति 2020 के तहत अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) की ओर से इस शैक्षणिक 2025-26 से पहली बार साल में दो बार प्रवेश प्रक्रिया की शुरूआत की गई है। हालांकि इस पहल को लेकर विद्यार्थियों में कोई खास रुचि नजर नहीं आ रही। नीरसता का माहौल है।

इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि डिप्लोमा इंजीनियरिंग (डीइ) और बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (बीई) की द्विवार्षिक प्रवेश प्रक्रिया के तहत रिक्त सरकारी सीटों पर प्रवेश के लिए इन दोनों ही कोर्स में कुल मिलाकर भी 100 विद्यार्थियों ने भी आवेदन नहीं किया है। डीई में जहां 39 विद्यार्थियों को मेरिट लिस्ट में जगह मिली है, वहीं बीई की सरकारी सीटों के लिए शुक्रवार को घोषित मेरिट लिस्ट में केवल 36 विद्यार्थियों को जगह मिली है।

व्यावसायिक डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रवेश समिति (एसीपीडीसी) सूत्रों के तहत सरकारी पॉलिटेक्निक में रिक्त डिप्लोमा इंजीनियरिंग (डीइ) की 1134 सीटों पर साल में दो बार प्रवेश की नीति के तहत प्रवेश प्रक्रिया के लिए 10 जनवरी तक आवेदन मंगाए गए। प्रवेश के लिए 13 जनवरी को घोषित फाइनल मेरिट लिस्ट में 39 विद्यार्थियों को जगह मिली है। इन सभी 39 विद्यार्थियों को शनिवार को एलडी इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर स्थित एसीपीडीसी कार्यालय में रूबरू बुलाया है। अब देखना यह है कि इसमें से कितने विद्यार्थी प्रवेश लेने आते हैं और उसमें से भी कितने प्रवेश को कन्फर्म करते हैं।

बीई 326 सीटों पर 36 विद्यार्थी ने की दावेदारी

व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रवेश समिति (एसीपीसी) के तहत साल में दो बार प्रवेश की नीति के तहत 10 जनवरी तक मांगे गए आवेदन के बाद शुक्रवार को मेरिट लिस्ट जारी की गई है। 4 सरकारी डिग्री इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीई की 326 सीटें खाली हैं, जिन पर प्रवेश होना है, उसके लिए मेरिट में सिर्फ 36 विद्यार्थी हैं। इन्हें प्रवेश के लिए 19 जनवरी को सुबह 10.30 बजे से एलडी इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर स्थित एसीपीसी कार्यालय में रूबरू बुलाया गया है। बीई के 36 में से पांच विद्यार्थी ही नए हैं। अन्य 31 तो पुराने छात्र हैं, जिन्होंने अपनी कॉलेज या कोर्स बदलने के लिए आवेदन किया है।

क्या कहते हैं प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े विशेषज्ञ

एसीपीसी और एसीपीडीसी से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि एआइसीटीई ने बेशक साल में दो बार प्रवेश प्रक्रिया की पहल की है, लेकिन साल में दो बार परिणाम घोषित नहीं होते हैं। फरवरी मार्च में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम मई महीने में आ जाता है। ऐसे में जून-जुलाई की प्रवेश प्रक्रिया के लिए विद्यार्थी मिलते हैं। गुजरात शिक्षा बोर्ड की ओर से जुलाई महीने में पूरक परीक्षा ली जाती है, जिसका परिणाम भी जल्द घोषित हो जाता है।

ऐसे में जून-जुलाई की प्रवेश प्रक्रिया के अंतिम चरण में 10वीं, 12वीं विज्ञान संकाय की पूरक परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को पहले ही मौका दिया जा चुका है। ऐसे में फिर से उन्हीं विद्यार्थियों से प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हुए करीब छह महीने बीत चुके हैं, ऐसे में कोई विद्यार्थी अब तक इंतजार किए नहीं बैठा है। उसने इंजीनियरिंग में प्रवेश नहीं मिला तो अन्य कोर्स में प्रवेश लेकर पढ़ाई शुरू कर दी है। यही वजह है कि सरकारी सीट के लिए भी डीई, बीई में 100 विद्यार्थियों के भी आवेदन नहीं आए हैं।